म कर संक्रांति की पूर्व संध्या को मनायी जाने वाली लोहड़ी , उत्तर भारत का और खासकर पंजाब का एक प्रसिद्ध त्यौहार है | इस दिन लोग आपस में मिलकर रात्रि में अपने घर के बाहर खुले में या चौराहों पर लोहड़ी जलाते हैं और उसके किनारे घेरा बना करके बैठकर रबड़ी , लावा , मूंगफली आदि का आनंद लेते हैं | इस दिन अलाव के चारो ओर मस्ती करते हुवे लड़के भांगड़ा करते हैं, नाचते हैं | इस दिन शादीशुदा लड़कियों के घर पर मिठाई, रबड़ी ,फल आदि भेजा जाता है | लोहड़ी नाम क्यों पड़ा है “ लोहड़ी ’’ शब्द ल ( लकड़ी ) + ओह ( सुखा हुवा उपला ) + ड़ी ( रेवड़ी ) से बना हुवा है | बहुत लोग यह मानते हैं कि ‘ लोहड़ी ’ शब्द लोई से उत्पन्न मानते हैं जो संत कबीर की पत्नी थीं | वहीँ कुछ लोग ‘ लोहड़ी ’ शब्द लोह से उत्पन्न मानते हैं | क्यों मनायी जाती है लोहड़ी लोहड़ी के दिन आग जलाने की प्रथा को लेकर यह माना जाता है कि यह राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में जलायी जाती है | पौर...