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भारतीय संविधान सभा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

“भारतीय संविधान सभा से बहुत सारे प्रश्न विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। यहां पर भारतीय संविधान सभा से संबंधित उन्हीं तथ्यों को रखा जा रहा है जो सामान्य जानकारी और किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है।” ➥ भारत के लिए संविधान सभा की रचना हेतु संविधान सभा का विचार सबसे पहले स्वराज पार्टी ने सन 1924 में प्रस्तुत किया था। ➥ भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई , 1946 में किया गया था। ➥ 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई। इस बैठक के दौरान सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थाई अध्यक्ष चुना गया। ➥ मुस्लिम लीग ने 9 दिसंबर 1946 को हुई पहली बैठक का बहिष्कार किया और पाकिस्तान के लिए अलग संविधान सभा की मांग की। ➥ हैदराबाद एक ऐसी देशी रियासत थी जिनके प्रतिनिधि इस संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुए थे। ➥ प्रांतों को या देसी रियासतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में संविधान सभा में प्रतिनिधित्व दिया गया था। प्रांतों का प्रतिनिधित्व  मुख्य तीन समुदायों की जनसंख्या के आधार पर विभाजि...

भारत के महान्यायवादी से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

नमस्कार दोस्तों !  यहाँ पर हम  "  भारत के महान्यायवादी "  से संबंधित  उन बिन्दूओं को रख रहे हैं जो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और किसी न किसी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा गया है। •  भारत के महान्यायवादी ( यानी Attorney General of India ) भारत सरकार का विधि अधिकारी होता है। •  यह उच्चत्तम न्यायालय में भारत सरकार का प्रमुख वकील तथा भारत सरकार का कानूनी सलाहकार होता है । •  इसके बारे में संविधान के अनुच्छेद 76 में उल्लेख हैं। •  महान्यायवादी बनने के लिए योग्यता ठीक वही चाहिऐ जो भारत के उच्चत्तम न्यायालय के न्यायाधीश बनने के लिए होती है। •  भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है। •  भारत का महान्यायवादी भारतीय राज्यों के सभी न्यायालयों में सुनवायी कर सकता हैं। •  भारत का महान्यायवादी संसद का सदस्य नहीं होता है फिर भी वह संसद के किसी भी सदन में बोल सकता हैं परन्तु उसे मत देने का अधिकार नहीं होता है।     भारत के प्रमुख महान्यायवादियों की सूची : दोस्तों ...

भारत के निरन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

नमस्कार दोस्तों !  यहाँ पर हम   " भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक   " से  संबंधित  उन बिन्दूओं को रख रहे हैं जो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और किसी न किसी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा गया है। ~  भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग ( CAG - Comptroller and Auditor General of India ) सार्वजनिक धन का संरक्षक होता है।   ~  इनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति करते हैं। लेकिन राष्ट्रपति इनको पदमुक्त नहीं कर सकता है। इनको संसद के दोनो सदनों में इनक खिलाफ कदाचार व अयोग्यता साबित करने पर ही हटाया जा सकता है। ~  इनका कार्यकाल 6 वर्षों का होता है परन्तु 65 वर्ष की आयु पूरी होने पर अवकाश ग्रहण कर लेता हैं। ~  अपने सेवा-निवृत्ति के बाद भारत के महालेखा एवं परीक्षक भारत सरकार के अधीन का कोई भी पद धारण नहीं कर सकता। ~  इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 148 से 151 तक में हैं।              दोस्तों !! कहते हैं ज्ञान बांटने से बढ़ता है। यह जानकारी आपको क...

जानिऐ संविधान में संशोधन की प्रक्रिया क्या है

नमस्कार दोस्तों !        भारतीय संविधान को 26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया जबकि  26 जनवरी 1950 को इसे पूर्ण रूप से लागू कर  दिया गया।   समय और स्थिति की मांग के अनुसार इसमें संशोधन समय-समय पर होता रहता है। •      पहला संविधान संशोधन सन 1951 ई•  को किया  गया  जिसके द्वारा संविधान में नौंवी अनुसूची को जोड़ा गया। •      संविधान में संशोधन की प्रक्रिया के विषय में संविधान के अनुच्छेद 368 में उल्लेख किया गया है। इसमें संशोधन की तीन विधियों को अपनाया गया है -- 1)  साधारण विधि द्वारा संशोधन :            जो भी विधेयक संसद की साधारण बहुमत द्वारा पारित किया गया होता है वह राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलन के पश्चात कानून बन जाता है। इसके द्वारा राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति मिलने पर  निम्न संशोधन किये जा सकते हैं ---- नये राज्यों के निर्माण  संबंधी  ,  राज्य के क्षेत्र ,  सीमा , नाम में परिवर्तन संबंधी , केन्द्र द्वारा शासित प्रदेशों में प्रशासन संबं...

कैग (CAG ) के बारे में जानिऐ

CAG ( Comptroller and Auditor General of India ) हिन्दी में भारत का नियन्त्रक एवं महालेखा परिक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। इसकी नियुक्ति का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 148  से 151 तक में है। इनकी ...

भारतीय अन्तर्राज्य परिषद के बारे में जानिऐ ये तथ्य

अन्तर्राज्य परिषद की स्थापना जून ,सन 1990 ई को हुआ। । यह परिषद केन्द्र और राज्य के मध्य समन्वय स्थापित करने का काम करता है। भारत का राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 263 के अन्तर्गत...

संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में जानते हैं ये तथ्य ?

जब प्रथम विश्व युद्ध सन 1918 में समाप्त हुआ तो यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में कभी ऐसी विनाशकारी युद्ध न हो , इसलिए एक ऐसे संघ की स्थापना की जाए जो आपसी विवादों का निपटारा कर सके। परिणाम स्वरूप राष्ट्र संघ की स्थापना की गई।  परंतु राष्ट्र संघ के अस्तित्व में रहने के बावजूद सन 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हो ही गई। दरअसल 1 सितंबर 1939 को जब जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया तो ठीक इसके 2 दिन बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी और इसी के साथ द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत हो गई। यह युद्ध 6 वर्षों तक चला और सन 1945 में खत्म हुआ। द्वितीय विश्वयुद्ध का होना राष्ट्र संघ की असफलता ही थी। फिर उसी भावना से कि भविष्य में ऐसी विनाशकारी युद्ध की स्थिति ना बने एक मजबूत संयुक्त राष्ट्र के स्थापना 24 अक्टूबर सन 1945 को की गई। संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमरिका के न्युयार्क शहर में है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देशों की संख्या 193 हैं। दक्षिणी सूडान संयुक्त्त राष्ट्र संघ की सदस्यता लेने वाला 193वां राष्ट्र  है। संयुक्त राष्ट्र संघ के प...

क्या जानते हैं भारतीयों के मौलिक अधिकार कौन-कौन से हैं

भारतीय संविधान में भारत के लोगो के कुछ मौलिक अधिकार का उल्लेख भाग- 3 में तथा अनुच्छेद 12 से 35 में है। यह संयुक्त राज्य अमरिका के संविधान से लिया गया हैं। संविधान में छ: मौलिक अधि...

राष्ट्रीय विकास परिषद् क्या है ?

नमस्कार दोस्तों !  यहाँ पर हम  राष्ट्रीय विकास परिषद से संबंधित  उन बिन्दूओं को रख रहे हैं जो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और किसी न किसी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा गया है। •  प्रधानमन्त्री राष्ट्रीय विकास परिषद का अध्यक्ष होता है। •  राष्ट्रीय विकास परिषद का मुख्य कार्य केन्द्र व राज्य सरकार और नीति आयोग के बीच सेतु के रूप में कार्य करता हैं। •  6 अगस्त 1952 ई• को राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन हुआ। •  भारतीय संघ के सभी राज्यो के मुख्यमंत्री और नीति आयोग के सभी सदस्य इसके सदस्य होते हैं।

नीति आयोग के बारे में जानने योग्य तथ्य

1 जनवरी 2015 ई • को मन्त्रीमण्डल के प्रस्ताव के तहत योजना आयोग के स्थान पर  " राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान " ( National Institution For Transforming India ) या NITI आयोग अस्तित्व में आया। यह आयोग सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है। इसके अध्यक्ष प्रधानमन्त्री होगे। यह आयोग पंचवर्षी योजनाओ के रूपरेखा के संबंध में सरकार को सलाह देने का कार्य करता।हैं। नीति आयोग कोई संवैधानिक संस्था नहीं हैं। 

क्या भारत निर्वाचन आयोग के बारे में जानते हैं ये तथ्य

25 जनवरी 1950 ई• को भारत निर्वाचन आयोग की  स्थापना हुई। यह एक स्थायी संवैधानिक निकाय है । निर्वाचन से संबंधित उल्लेख संविधान के भाग - 15 के अन्तर्गत अनुच्छेद 324 से 329 में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष का तफा 65 वर्ष की उम्र तक होता है। अन्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष का तथा 62 वर्ष की उम्र तक होता है । सन 1993 के बाद तीन सदस्यीय आयोग बनाया गया इससे पहले एक सदस्यीय आयोग था। निर्वाचन आयोग के कार्य : 1) चुनाव करवाना 2) राजनैतिक दलों के लिए आचार संहिता तैयार करवाना 3) मतदाता सूची तैयार करवाना 4) राजनैतिक दलों को मान्यता प्रदान करना व चुनाव चिन्ह प्रदान करना और 5) चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन करवाना

लोक सेवा आयोग का गठन

लोक सेवा आयोग की स्थापना के लिए 1924 ई• में विधि आयोग ने सिफारिस की थी और 1926 ई•  में इसकी स्थापना हुई।( 1919 के भारत सरकार अधिनियम के अधीन ) लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं। इसके अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति 6 वर्षों के लिए की जाती है। अधिकतम उम्र सीमा 65 है। राज्य सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है परन्तु उन्हे हटाने का अधिकार राज्यपाल को नहीं होता हैं। राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष और 62 वर्ष की उम्र तक होता हैं।

भारतीय राष्ट्रीय-चिन्ह के बारे में जानिऐ

26 जनवरी 1950 ई• भारत ने अपने राष्ट्रीय प्रतीक को अपनाया। भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ स्थित अशोक स्तम्भ के शीर्ष भाग की अनुकृति हैं। प्रतीक के नीचे  " सत्यमेव जयते "  देवनागरी लिपी में लिखा हैं जो मुंडकोपनिषद् से लिया गया हैं। राष्ट्रीय प्रतीक में सिंहों की संख्या चार हैं। अलग-अलग रंग की राष्ट्रीय प्रतीक का प्रयोग शासकीय कार्यो में किया जाता हैं। लाल रंग का राष्ट्रीय प्रतीक राज्यसभा के सदस्यों एवं अधिकारीयों द्वारा प्रयोग किया जाता हैं। नीला रंग का राष्ट्रीय प्रतीक भारत के मंत्रीयों द्वारा तथा हरे रंग का राष्ट्रीय प्रतीक लोकसभा के सदस्यों द्वारा प्रयोग किया जाता हैं। भारत का राष्ट्रीय पुष्प   कमल ( वैज्ञानिक नाम - निलम्बो न्यूसिफेरा ) हैं। भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर ( पावो क्रिस्टेटस ) है। भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। भारत का राष्ट्रीय फल आम हैं। भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है । भारत का राष्ट्रीय नदी  गंगा है ।

भारतीय राष्ट्रीय-ध्वज के बारे में जानिऐ ये तथ्य

22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने  राष्ट्र-ध्वज के प्रारूप को अपनाया। इसकी लम्बाई और चौडाई का अनुपात 3:2 का हैं। राष्ट्रीय-ध्वज तीन पट्टीयों वाला हैं। इसमें सबसे उपर गहरे  केसरिया रंग की पट्टी हैं जो जागृति , शौर्य और त्याग का प्रतीक हैं। मध्य में सफेद रंग की पट्टी हैं जो सत्य पवित्रता एवं शान्ति का प्रतीक हैं। सबसे नीचे हरे रंग की पट्टी हैं जो जीवन- समृद्धि का प्रतीक हैं। सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का एक चक्र हैं जिसमें 24 तिल्लीयाँ हैं और यह सारनाथ स्थित अशोक चक्र स लिया गया हैं। 14 अगस्त 1947 पहली बार मध्य रात्रि को राष्ट्रीय-ध्वव का प्रदर्शन हुआ था।

भारतीय राष्ट्रीय-गीत के बारे में जानते हैं ये तथ्य

26 जनवरी 1950 को बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रचित  " वन्दे मातरम् " को राष्ट्र-गीत के रूप में स्वीकार किया गया।  ' वन्दे मातरम् 'बंकिम चन्द्र चटर्जी के उपन्यास  " आनन्दमठ " से लिया गया हैं। इस गीत को गाने का समय 1 मिनट 5 सेकेण्ड हैं। इसको सर्वप्रथम 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया। उस समय इसके अध्यक्ष रहीमतुल्ला सयानी थे।

भारतीय राष्ट्र-गान के बारे में जानते हैं ये तथ्य

24 जनवरी 1950 ई• को  रविन्द्र नाथ ठाकुर द्वारा रचित  " जन - गण - मन " को संविधान सभा ने राष्ट्र-गान के रूप में स्वीकार किया। इसके गायन पूरा होने का समय 52 सेकण्ड है तथा संक्षिप्त अवधि 22 सेकण्ड हैं। 27 दिसम्बर 1911 को कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया । उस समय कांग्रेस के अध्यक्ष पं विशन नारायण दत्त थे।

भारतीय पंचायती राज ब्यवस्था

भारत के पहले प्रधानमन्त्री  पण्डित जवाहर लाल नेहरू के द्वारा 2 अक्टूबर सन 1959 ई • को राजस्थान के नागौर जिले में पंचायती राज ब्यवस्था का शुभारम्भ हुआ। भारतीय संविधान का 73 वां संशोधन पंचायती राज से ही संबन्धित है । पंचायती राज का उल्लेख संविधान के अनुसूची 11 में और भाग 9 के अनुच्छेद 243 ( क से ण तक )

भारत के लोगों का मौलिक कर्तव्य

भारतीय संविधान में भाग 4(क) के अन्तर्गत अनुच्छेद 51(क) में भारत के नागरिकों के लिए उनके मौलिक कर्तव्य का उल्लेख हैं। यह रूस के संविधान से लिया गया हैं जो सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर 42वें संविधान संशोधन (सन 1976 ई•)  द्वारा जोडा गया है। मौलिक कर्तव्यों की संख्या 11 हैं। जो इस प्रकार है -------- 1)   प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह संविधान का पालन करे और उसकी आदर्शों , संस्थाओं , राष्ट्र-ध्वज और राष्ट्र-गान का।आदर करे। 2)   स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में सजोए रखे और उनका पालन करे। 3)   भारत की प्रभुता , एकता  और अखण्डता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे। 4)   देश की रक्षा करे। 5)   भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण  करे। 6)   हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महप्व समझे और उसका परिरक्षण करे। 7)   प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उसका संवर्धन करे। 8)   वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ज्ञ...