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Showing posts with the label सामान्य ज्ञान

मंकीपॉक्स क्या है ?

✓✓ 22 जुलाई 2022 को WHO ने  मंकीपॉक्स की समस्या को देख कर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। ✓✓ मंकीपाक्स एक वायरल जूनोटिक संक्रमण है जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है। ✓✓ यह जानवरों से इंसानों में फैलता है और एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है। लक्षण : सर दर्द , बुखार , बदन दर्द सूजी हुई लसिका ग्रंथि चेहरा, आंख, मुख , गला , हथेली और तलवों पर चकत्ते या गांव का होना।

वायुमंडल और उसकी संरचना

वायुमंडल यानी Atmosphere , पृथ्वी को चारों ओर से घेरे हुए वायु के विस्तृत आवरण को कहते हैं। दरअसल वायुमंडल , विभिन्न गैसों का मिश्रण होता है। वायुमंडल के ऊपरी परत का अध्ययन Aerology के अंतर...

भारत के कुछ प्रमुख प्रथम पुरुष

✓भारत का प्रथम अस्थाई राष्ट्रपति [ डॉ सच्चिदानंद सिन्हा ] ✓ भारत का प्रथम स्थाई राष्ट्रपति [ डॉ राजेंद्र प्रसाद ] ✓ भारत का प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति [ डॉक्टर जाकिर हुसैन ] ✓ भारत का प्रथम उप राष्ट्रपति [ डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ] ✓  भारतका प्रथम प्रधानमंत्री [ पंडित जवाहरलाल नेहरू ] ✓ भारत का प्रथम गृह मंत्री [ सरदार वल्लभ भाई पटेल ] ✓ भारत का प्रथम शिक्षा मंत्री [ अबुल कलाम आजाद ] ✓ भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाला प्रथम मंत्री [ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ] ✓ लोकसभा का प्रथम अध्यक्ष [ गणेश वासुदेव मावलंकर ] ✓ भारत का प्रथम मुख्य न्यायाधीश [ जस्टिस हीरालाल जे कानिया ] ✓ भारत का प्रथम चुनाव आयुक्त [ सुकुमार सेन ] अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में भारत का प्रथम न्यायाधीश [ डॉ नागेंद्र सिंह ] ✓ नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाला प्रथम भारतीय [ रविंद्र नाथ ठाकुर ] ✓ मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाला प्रथम भारतीय [ आचार्य विनोबा भावे ] ✓ भारत रत्न पानी वाला प्रथम भारतीय [ डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ] ✓ ज्ञानपीठ पुर...

भारत की कुछ प्रमुख प्रथम महिला

भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति [ श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटील ] भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री [ इंदिरा गांधी ] भारत की प्रथम महिला राज्यसभा उपाध्यक्ष [ वायलेट अल्वा ] भ...

भारत के राष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रपति में संघ की कार्यपालिका की शक्ति निहित होती है अर्थात राष्ट्रपति कार्यपालिका की औपचारिक शक्ति का प्रधान होता है। राष्ट्रपति बनने की योग्यताएं :  ✓ भारत का नागरिक होना चाहिए। ✓ कम से कम 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो। ✓ वह लोकसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता रखता हो। राष्ट्रपति का निर्वाचन : राष्ट्रपति का निर्वाचन अप्रत्यक्ष विधि से होता है। इसमें संसद के दोनो सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। राष्ट्रपति के निर्वाचन में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत पद्धति का प्रयोग किया जाता है । इस पद्धति में मतदान गुप्त होता है और निर्वाचन में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार को एक निश्चित कोटा प्राप्त करना आवश्यक होता है। राष्ट्रपति का कार्यकाल : राष्ट्रपति का कार्यकाल सामान्यता 5 वर्ष का होता है । यदि राष्ट्रपति का पद अवधि से पहले रिक्त होता है तो ऐसी स्थिति में नए राष्ट्रपति का निर्वाचन शेष अवधि के लिए  होकर अगले 5 वर्षों तक के लिए किया जाता है। राष्ट्रपत...

विभिन्न देशों के संसद का नाम

भारत   ➨  संसद बांग्लादेश  ➨  जातीय संसद ब्रिटेन   ➨  पार्लियामेंट ऑस्ट्रेलिया   ➨  पार्लियामेंट कनाडा   ➨  पार्लियामेंट पाकिस्तान   ➨  नेशनल असेंबली फ्रांस   ➨  नेशनल असेंबली तुर्की   ➨  ग्रैंड नेशनल असेंबली स्विट्जरलैंड   ➨  फेडरल असेंबली USA  ➨  कांग्रेस चीन । ➨  नेशनल पीपुल्स कांग्रेस नेपाल   ➨  राष्ट्रीय पंचायत जापान  ➨  डायट रूस   ➨  ड्यू मा ईरान  ➨  मजलिस अफगानिस्तान   ➨  शोरा इजरायल   ➨  नेसेट ताइवान   ➨  यूआन पोलैंड   ➨  सोजीम

नोबेल पुरस्कार पाने वाले भारतीय

1. कैलाश सत्यार्थी ( 2014 ) शांति के क्षेत्र में 2. वीएस नायपॉल ( 2001 )साहित्य के क्षेत्र में 3. अमर्त्य सेन ( 1998 ) अर्थशास्त्र के क्षेत्र में 4. सुब्रमण्यम चंद्रशेखर ( 1983 ) भौतिकी के क्षेत्र में 5. मदर टेरेसा ( 1979 ) शांति के क्षेत्र में 6.  हरगोविंदखुराना ( 1968 ) चिकित्सा के क्षेत्र में 7. सी. वी. रमन ( 1930 ) भौतिकी क्षेत्र में 8. रवींद्रनाथ टैगोर (1913 ) साहित्य के क्षेत्र में

भारत रत्न प्राप्त करने वाले व्यक्ति

2015 अटल बिहारी वाजपेई , मदन मोहन मालवीय 2014 सचिन तेंदुलकर , चिंतामणि नगेसा , रामचंद्र राव 2008 भीमसेन जोशी 2001 लता मंगेशकर , उस्ताद बिस्मिल्लाह खान 1999 प्रोफेसर अमर्त्य सेन , पंडित रविशंकर और गोपीनाथ बोर्दोलोई 1998 जयप्रकाश नारायण , एमएस सुब्बूलक्ष्मी सी  1997 एपीजे अब्दुल कलाम , गुलजारी लाल नंदा (मरणोपरांत ) , अरूणा आसफ अली ( मरणोपरांत ) 1992 जेआरडी टाटा , सत्यजीत राय , मौलाना अबुल कलाम आजाद ( मरणोपरांत ) 1991 मोरारजी देसाई , राजीव गांधी ( मरणोपरांत ) ,सरदार वल्लभ भाई पटेल ( मरणोपरांत ) 1990 नेल्सन मंडेला , डॉ भीमराव अंबेडकर ( मरणोपरांत ) 1988 मखदूम गोपालन , रामचंद्रन ( मरणोपरांत ) 1987 खान अब्दुल गफ्फार खान 1983 आचार्य विनोबा भावे ( मरणोपरांत ) 1980 मदर टेरेसा 1976 कुमार स्वामी कामराज ( मरणोपरांत ) 1975 वराह वेंकट गिरी 1971 इंदिरा गांधी 1966 लाल बहादुर शास्त्री  1963 डॉक्टर जाकिर हुसैन , डॉ पांडुरंग वामन काने 1962 डॉ राजेंद्र प्रसाद 1961 राज श्री पुरुषोत्तम दास टंडन , बिधान चंद्र राय 1958 धुंधोकेशव कर्वे ...

भारत में प्रदान किया जाने वाला प्रमुख वीरता पुरस्कार

भारतीय थल सेना , वायु सेना और नौसेना के वीर और साहसी सैनिकों को उनके साहसिक कार्यों के लिए उन्हें विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। परमवीर चक्र ; यह वीरता के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार होता है । जो थल सेना , वायु सेना , नौसेना द्वारा थल , वायु और पानी में दुश्मन के सामने बहादुरी से उत्कृष्ट प्रदर्शन  लिए और आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है। इसमें एक मेडल दिया जाता है जो कांस्य का बना होता है ।जिस पर एक ओर इंद्रब्रज अंकित होता है जबकि दूसरी ओर हिंदी और अंग्रेजी में परमवीर चक्र लिखा होता है । महावीर चक्र ; यह दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार होता है। जो जल , थल और नभ में दुश्मन के सामने बहादुरी से उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। इसमें दिया जाने वाला पदक चांदी का बना होता है। वीर चक्र ;  यह तीसरा वीरता पुरस्कार होता है । जो  जल , थल और नभ में दुश्मनों के सामने साहस , पराक्रम और आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है।

विभिन्न खिलाड़ियों के उपनाम

फ्लाइंग सिख , मिल्खा सिंह को कहा जाता है। फ्लाइंग फिश 🎏 , माइकल फेल्प्स को कहा जाता है। उड़न परी , पीटी उषा को कहा जाता है। बंगाल टाइगर , सौरभ गांगुली को कहा जाता है। द वाल , राहुल द्रविड को कहा जाता है। टर्बनेटर ,  हरभजन सिन्हा को कहा जाता है। रावलपिंडी एक्सप्रेस , शोएब अख्तर को कहा जाता है। इंडियन एक्सप्रेस , पेस एवं भूपति को कहा जाता है। हॉकी का जादूगर  , मेजर ध्यानचंद को ब्लैक पर्ल ,    पेले  को कहा जाात है। सुपर मॉम , Mary Kom को कहा जाता है। डेनिश द मीनोस , आंद्रे अगासी को कहा जाता है।

भारत में स्थित प्रसिद्ध खेल के मैदान

दिल्ली में स्थित प्रमुख खेल के मैदान जवाहलाल नेहरू स्टेडियम , athletics खेल से सम्बंधित है। अम्बेडकर स्टेडियम , फुटबॉल  से संबंधित है। शिवाजी स्टेडियम , हॉकी से संबंधित है। इंदिरा गांधी स्टेडियम , इंडोर गेम से संबंधित है। नेशनल स्टेडियम , हॉकी से संबंधित है। फिरोज शाह कोटला स्टेडियम , क्रिकेट से संबंधित है। मुंबई में स्थित प्रमुख खेल के मैदान वानखेड़े स्टेडियम , क्रिकेट से संबंधित है। ब्रेबोर्न स्टेडियम , क्रिकेट से संबंधित है। नेशनल स्टेडियम , हॉकी से संबंधित है। कोलकाता में स्थित प्रमुख खेल के मैदान इडन गार्डन , क्रिकेट से संबंधित है। रविन्द्र सरोवर स्टेडियम , फुटबाल से संबंधित है। युवा भारती स्टेडियम , फुटबॉल से संबंधित है। उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख खेल के मैदान ग्रीन पार्क स्टेडियम ( कानपुर ) , क्रिकेट से संबंधित है।

द्वितीय विश्व युद्ध से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

प्रथम विश्व युद्ध के अंत में जर्मनी और गठबंधन देशों (फ्रांस ,अमेरिका ,इंग्लैंड आदि ) के बीच हुई वर्साय की संधि द्वितीय विश्व युद्ध के लिए बीजरोपण का कार्य किया।  जर्मनी ने इस संधि का 1935 में उल्लंघन कर दिया। 1 सितंबर 1939 को जब जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण कर दिया । तो ठीक इसके दो दिन बाद फ्रांस और ब्रिटेन ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी। इसी के साथ द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत मानी जाती है। द्वितीय विश्व युद्ध का अंत 2 सितंबर 1945 को हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध 6 वर्षों तक लड़ा गया। द्वितीय विश्व युद्ध का मुख्य कारण जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण था। प्रथम विश्व युद्ध के अंत में हुई वर्साय की संधि का जर्मनी ने 1935 में उल्लंघन किया। 8 दिसंबर 1941 को अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका का राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट था। 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर लिटिल ब्वॉय नमक परमाणु बम ( जो कि यूरेनियम 235 था ) और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर फैटमैन नामक परमाणु बम ( जो कि प्लूटोनिय...

प्रथम विश्वयुद्ध से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

वैसे तो किताबों में बहुत सारी बातें प्रथम विश्व युद्ध से संबंधित दी हुई हैं लेकिन यहां पर हम सिर्फ उन्हीं तथ्यों रख रहे हैं जो सामान्य जानकारी के लिए जरूरी है और यह अक्सर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछे जाते रहे हैं।  28 July 1914  से प्रथम विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई। इसी दिन आस्ट्रिया ने सर्बिया पर आक्रमण किया था। 1 नवंबर 1918 को प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति हुई। प्रथम विश्व युद्ध 4 वर्षों तक चला। प्रथम विश्व युद्ध का मुख्य कारण ऑस्ट्रिया के राजकुमार की बोस्निया की राजधानी में हुई हत्या थी। इस विश्व युद्ध में शहीद 37 देशों ने भाग लिया था। प्रथम विश्व युद्ध में पूरा विश्व दो गुटों में बटा हुआ था पहला मित्र राष्ट्र और दूसरा धुरी राष्ट्र। धुरी राष्ट्रों में जर्मनी , ऑस्ट्रिया , हंगरी , इटली आदि शामिल थे जबकि मित्र राष्ट्र में जापान , इंग्लैंड , रूस , फ्रांस , अमेरिका आदि देश शामिल थे। 28 जून 1919 ई. को जर्मनी और गठबंधन देशों ( फ्रांस , अमेरिका , इंग्लैंड आदि ) के बीच वर्साय की संधि हुई। अंतरराष्ट्रीय जगत में प्रथम विश्वयुद्ध का सबसे बड़ा योगद...

वायु प्रदूषण । Air Pollution ।

हमारा वातावरण कई गैसों के समूह से बना है जैसे ; ऑक्सीजन , कार्बन डाइऑक्साइड , नाइट्रोजन , आर्गन ,नियान आदि। इनका एक निश्चित अनुपात का मिश्रण वातावरण की वायु में पाया जाता है। जैसे ही इस मिश्रण का यह अनुपात बिगड़ता है , असंतुलन की स्थिति पैदा होती जाती है जिसके कारण वायु प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो जाती है। वायु प्रदूषण की समस्या दो कारकों से उत्पन्न होती है। पहला प्राकृतिक और दूसरा मानव कृत। प्राकृतिक कारकों में ज्वालामुखी से निकलने वाली हानिकारक गैसें और धुएं आते हैं , इसके साथ ही आंधी-तूफान  तथा कार्बनिक पदार्थों के हानिकारक तत्व भी वायु प्रदूषण की स्थिति पैदा करते हैं। मानव कृत कारकों के अंतर्गत जनसंख्या विस्फोट , नगरीकरण , औद्योगीकरण आदि आते हैं। मानव कृत गतिविधियों ने वातावरण में कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड , हाइड्रोकार्बन , नाइट्रोजन के ऑक्साइड आदि का उत्सर्जन अतिरिक्त मात्रा में किया है। इसके अलावा लेड , एस्बेस्टस आदि का उत्सर्जन बी वातावरण की प्राकृतिक अवस्था को नकारात्मक ढंग से प्रभावित करता है तरह-तरह कीटनाशक का प्रयोग, कृषि की बदलती हुई गतिविधियां आदि स...

विभिन्न खेलों में एक पक्ष के खिलाड़ियों की संख्या

व र्तमान में कई तरह के खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले जाते हैं जैसे ; क्रिकेट , फुटबॉल , हाकी , कबड्डी , टेबल टेनिस इत्यादि। क्या आप जानते हैं इन खेलों में कितने खिलाड़ी भाग लेते हैं ?  विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कभी कभी यहां से प्रश्न तो उठ ही जाते हैं पर एक जनरल नॉलेज के तौर पर भी हमें यह जानना चाहिए कि इन खेलों में खिलाड़ियों की संख्या कितनी होती है। तो आइए जानते हैं विभिन्न खेलों में एक पक्ष के खिलाड़ियों की संख्या ..... टेबल टेनिस एवं टेनिस ➠ 1 या 2 पोलो ➠ 4 बास्केटबॉल ➟ 5 बॉलीबॉल ➠ 6 नेटबॉल / कब्बड़ी / वाटर पोलो ➠ 7 बेसबॉल / खो - खो ➠ 9 फुटबाल / क्रिकेट / हॉकी ➠ 11 रग्बी फुटबाल ➠ 15 ध्यान रहे ये एक पक्ष के खिलाड़ियों की संख्या है। खेल में कूल खिलाड़ियों की संख्या इसके 2 गुना होगी।

नासा का पार्कर सोलर प्रोब मिशन ( Parker solar probe mission )

पार्कर सोलर प्रोब सूर्य के रहस्य को खोजने के लिए भेजा गया नासा का एक यान है। 12 अगस्त 2018 को सूर्य की परतों में छिपे रहस्यों को खोजने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पार्कर सोलर प्रोब अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गया। यह मिशन सूर्य के करोना तथा सौर विंड के रहस्य को जाने के लिए प्रक्षेपित किया गया है। पार्कर सोलर प्रोंब को डेल्टा - 4 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया गया है। इस यान को वर्ष 2015 में प्रक्षेपित करने का लक्ष्य रखा गया था किंतु कई तकनीकी समस्याओं के कारण इसे तीन वर्ष की देरी से सूर्य की यात्रा पर भेजा गया। पार्कर सोलर प्रोब नामकरण अमेरिकी भौतिकशास्त्री यूजीन न्यूमैन पार्कर के नाम पर किया गया है। यूजीन न्यूमैन पार्कर ने तारों द्वारा ऊर्जा संचालित करने की अवधारणा पेश की थी। नासा द्वारा पहली बार किसी मिशन का नामकरण किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर रखा गया है। पार्कर सोलर प्रोब मिशन का लक्ष्य है.... ✓ उस ऊर्जा के प्रवाह का पता लगाना जो करोना को गर्मी प्रदान करता है। ✓ सूर्य के निकट धुंधली प्लाज्मा और सोलर विंड बनने तथा उसके प्रभाव का पता लगाना। ✓...

सतीश धवन स्पेस सेंटर और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र

सतीश धवन स्पेस सेंटर सतीश धवन स्पेस सेंटर को संक्षिप्त में शार सेंटर भी कहा जाता है। दरअसल वर्ष 2002 में श्रीहरिकोटा हाई एल्टीट्यूड रेंज यानी SHAR का नाम बदलकर  सतीश धवन स्पेस सेंटर किया गया। यह चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर में श्रीहरिकोटा द्वीप में स्थापित , इसरो का एक प्रमुख प्रमोशन केंद्र है। इस केंद्र में प्रमोचन राकेट कार्यक्रम के लिए अपेक्षित ठोस प्रणोदकों का उत्पादन तथा बृहद प्रणोदक चरणों की भूमि पर जांच करने के लिए स्थैतिक जांच एवं मूल्यांकन कांप्लेक्स नामक सुविधाएं विद्यमान है। यहां पर जीएसएलबी के लिए प्रमोचन सुविधाओं के संवर्धन का कार्य शुरू किया गया है। शार केंद्र के इसरो रेंज कांप्लेक्स में श्रीहरिकोटा के अलावा बालासोर और थुम्बा स्थित  प्रमोचन रेंज में शामिल है। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र तिरूवनंतपुरम के थुम्बा में स्थित है। इस अंतरिक्ष केंद्र के माध्यम से स्वदेशी राकेट, प्रमोचक राकेट और संबंध प्रौद्योगिकियों के विकास में तकनीकी विशेषता अर्जित की गई।  यह अंतरिक्ष केंद्र विमानन , मिशन गतिकी,ठोस नोदन प्रणोदक तथ...

इसरो के मुख्य प्रक्षेपण यान ( launch vehicle of ISRO )

L aunch vehicle यानी प्रक्षेपण यान, उपग्रहों को अंतरिक्ष की विभिन्न कक्षा तक पहुंचाने का कार्य करते हैं ।अंतरिक्ष कार्यक्रमों के विकास में ISRO ने कुछ महत्वपूर्ण प्रक्षेपण यान विकसित किया है। इसरो ने आरंभिक दौर में स्वदेशी तकनीक से दो प्रक्षेपण यान का निर्माण किया  था , जो अब धरोहर प्रक्षेपण यान के रूप में जाने जाते हैं। SLV ( SATELLITE LAUNCH VEHICLE )  SLV-3 भारत का पहला प्रयोगिक उपग्रह प्रक्षेपण यान था। 18 जुलाई 1980 को SLV-3 के सफल परीक्षण के साथ भारत ने प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कदम रखा। अमेरिका ,चीन ,रूस , फ्रांस तथा जापान के बाद भारत भी अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया है। SLV-3 यान , 17 टन भारी तथा 22 मीटर ऊंचा प्रक्षेपण यान था । ठोस ईंधन के साथ चार चरणों में यह  40 किलोग्राम भार के उपग्रह को पृथ्वी की निम्न कक्षा में स्थापित करने में सक्षम था। ASLV ( Augmented satellite launch vehicle ) इसे हिंदी में संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान कहा जाता है। इस प्रक्षेपण यान को निम्न कक्षाओं के लिए  150 किलोग्राम भार हेतु निर्मित किया गया था। AS...

भारतीय अंतरिक्ष से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

य हां पर हम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO - INDIAN SPACE RESEARCH ORGANISATION से संबंधित कुछ Important point आप के सामने रख रहे हैं जो किसी भी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। 1962 में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति का गठन किया गया और इसका पहला अध्यक्ष विक्रमविक्रम साराभाई को बनाया गया। विक्रम सारा भाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक भी कहा जाता है। 21 November 1963 को देश का पहला sounding rocket ( नाइक ए पास )जो अमेरिका द्वारा बनाया गया था,  TERLS से प्रक्षेपित किया गया। 15 August 1969 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO का गठन किया गया। इसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है। 1969 मैं नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर कदम रखने वाला पहला मानव था। आर्यभट्ट स्वदेशी तकनीक से बनी हुई प्रथम भारतीय उपग्रह  है। 19 अप्रैल 1975 को इसे प्रक्षेपित किया गया। राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय हैं। जो 3 अप्रैल 1984 को सोयुज T-2  अंतरिक्ष यान से गए कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की प्रथम महिला बनी।...

वर्षा के दिनों में बिजली क्यों चमकती है ?

बरसात के मौसम में अक्सर हम लोग बाहर निकलने से थोड़ा डरते हैं कि कहीं बिजूली कपरे में ना गिर जाए। अक्सर सुनने में आता है कि फलाना खेत में काम कर रहे थे अरु बिजली उन पर गिर गई और उ मर गए। तो आइए जानते हैं आखिर क्यों चमकती है बिजली और क्यों गिरती है ...... वर्षा के दिनों में बादलों में एक प्रकार की विद्युत प्रक्रिया होती है जिसके कारण बिजली का चमकना दिखाई देता है। बादलों में जल के कण होते हैं जिसके बीच टक्कर से तेज प्रकाश और तीव्र ध्वनि सामने आती है , जिसे थंडर कहा जाता है। जलवाष्प संवहनित हो कर ऊपर उठती है और आकाश की ऊंचाई पर ठंडे बादलों से टकराती है तो जल के कण छोटे टुकड़ों  में बदल कर धनात्मक आवेश में बदल जाती है जबकि जल की बूंदों में ऋण आत्मक आवेश भी होता है। यह आवेश अत्यधिक शक्तिशाली होते हैं। इसी आवेश के प्रवाह के टक्कर होने की अवस्था में बिजली उत्पन्न होती है और चमकती है और उसकी आवाज़ के साथ तेज वर्षा  प्रारंभ हो जानती है ।