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Showing posts with the label योग-प्राणायाम-आसन

भुजंगासन की विधि व उससे लाभ

   नमस्कार दोस्तों !!  भुजंगासन को सर्पासन भी कहा जाता है क्योंकि  इस आसन  में शरीर की आकृति फन उठाये  सर्प जैसी बनती है | इस  आसन को अंग्रेजी में कोबरा पोज़ के नाम से  भी जाना जाता है |  यह आसन पुरे शरीर के लिए लाभदायक होता है |  आइये जानते है इसको  कैसे किया जाता है |                                               #  भुजंगासन करने की विधि व उससे लाभ  # १.  सबसे पहले आप पेट के बल लेट जाइये | २.  इसके  बाद हथेली को कंधे के सीध में रखें | दोनों पैरों के पंजों को  आपस में सटा  कर के रखें  पैरों को सीधे तने हुवे रखें | ३.  अब साँस लेते  हुवे शरीर के अगले भाग को नाभि तक उठायें |  इस वक्त ध्यान रखें कमर पर ज्यादा खिचाव  न आये  | कुछ सेकण्ड तक इसी अवस्था में बने रहें | ४.  फिर साँस छोड़ते हुवे सामान्य अवस्था में आ जाएँ | ...

पादपश्चिमोत्तासन की विधि व उससे लाभ

नमस्कार दोस्तों !! पादपश्चिमोत्तासन करने में थोड़ा कठिन जरूर होता है पर बड़ा ही लाभकारी आसन ये | पादपश्चिमोत्तासन  को उग्रासन  भी  कहा जाता है इसलिए  इसके नाम को लेकर आप confuse  मत होईयेगा | शुरुवात में यह आसन पूर्ण रूप से नहीं हो पता क्योंकि इसे करने में तकलीफ होती है पर घबराने की कोई बात नहीं धीरे धीरे अभ्यस्थ होने पर यह आसन बिल्कुल आसान  है | तो आइये जानते हैं इसे कैसे किया जाता है |                                                    #  पादपश्चिमोत्तासन को करने की विधि  # १.  सबसे पहले सामान्य श्वांस लेते  हुवे एक स्वच्छ आसान पर दोनों पैरों को सीधा फैला कर  जाएँ | २.  अब दोनों पैरों के एड़ी और पंजों  परस्पर मिलाएँ तथा घुटनों को ज़मीन  से लगाए | ३.  अब श्वांस छोड़ते हुवे  दोनों पैरों के  अंगूठों को आगे झुक कर दोनों हांथो की तर्जनी और अंगूठों स...

बज्रासन ( vajrasana ) की विधि व उससे लाभ

नमस्कार दोस्तों !!   वज्रासन का अर्थ होता है वज्र के  समान कठोर स्थिति वाला आसन | इस आसन को दिन में कभी भी किया जा सकता है | भोजन के बाद इस आसन को करने से पाचन शक्ति बढती है और भोजन जल्दी पचता है तह | यह आसन पाचनशक्ति , स्नायुशक्ति और वीर्यशक्ति देनेवाला होता है | इस आसन को आप पंद्रह से आधा घंटा तक कर  सकते है |  तो आइये जानते हैं इस आसन को कैसे किया जाता है |                                 #  वज्रासन  करने की विधि  # १.  सबसे पहले सामान्य श्वांस लेते हुवे एक स्वच्छ आसन पर अपने दोनों पैरों को फैलाकर बैठ जाएं |  २.  अब दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर दोनों एड़ियों पर  इसप्रकार से बैठ जायें कि  दोनों पैरों के अंगूठे आपस में लगे रहें |  ३.  कमर और पीठ एकदम सीधी रखें |  ४.  दोनों  हांथो की कुहनियों  बिना मोड़ें घुटनों पर रखें |  ५.  पांच मिनट से आधा घंटा तक इस आसन को करने क...

गोरक्षासन की विधि व उससे लाभ

   नमस्कार  दोस्तों !!  इसका दूसरा नाम भद्रासन है |  ऐसा कहा जाता है की भद्रासन , भद्र पुरुषों का आसन है और इसी कारण इसका नाम भद्रासन पड़ा है | इस आसन को शुरुवात में आप जितनी देर तक कर सकते है करें |  धीरे धीरे अभ्यस्थ होने पर इसे तीन से पांच मिनट तक करना चाहिए | तो आइये जानते हैं  कैसे करना चाहिए |                                                      #  गोरक्षासन करने की विधि  #  १.  सबसे पहले सामान्य श्वास लेते हुवे एक स्वच्छ आसन पर पैरों को फैलाकर बैठ जायें | २.  एक एक करके  दोनों  पैर के घुटने को मोडें , उसके दोनों तलुवों को हांथों की सहायता से आपस में सटाएं | ३.  श्वांस छोड़ते हुवे दोनों हाथ जमीन पर टेककर शरीर  ऊपर उठायें और दोनों पैर के पंजों पर इस प्रकार से बैठें के शरीर का वजन एड़ी  मध्य में रहे |  ४.  श्वांस अंदर की तरफ लेते ...

मत्स्यासन की विधि व उससे लाभ

         मत्स्य का मतलब होता है मछली । इस आसन में शरीर का आकार मछली के जैसा बन जाता है जिसके कारण इस आसन को मत्स्यासन कहा जाता है। इस आसन स्थिति में पानी में लम्बे समय तक तैरा जा सकता है।                             #  मत्स्यासन की विधि  # 1•  भूमि पर बिछे हुवे स्वच्छ आसन पर पद्मासन लगाकर सीधे बैठ जाऐं। 2•  पैरों को पद्मासन की स्थिति में रखते हुवे हाथ की सहायता से पीछे की ओर कमर के बल लेट जाऐं। 3•  श्वास छोड़ते हुवे कमर को ऊपर उठायें और घुटना , नितंब तथा सिर की शिखास्थान को भूमि से लगाये रखें। 4•  अब बायें हाथ से दाहिने पैर का अँगूठा और दायें हाथ से बायें पैर का अँगूठा पकड़ें। दोनों कुहनियों को जमीन से लगाये रखें। [ इस स्थिति में श्वास को बाहर रोके रहें।] 5•  एक से तीन  मिनट तक अभ्यास करने के बाद सामान्य रूप से हाथ खोलें  , कमर भूमि पर रखें और फिर बैठ जाऐं। सामान्य श्वास लें। #  मत्स्यासन करन...

योगमुद्रासन की विधि व उससे लाभ

       योगमुद्रासन में योग , मुद्रा और आसन तीनों के समावेश होने के कारण इसे योगमुद्रासन कहा जाता है। इस आसन को केवल 5 से 10 सेकण्ड तक ही करें और एक बैठकी में 3 बार करें। शुरूवात में इस आसन को करने में थोडी तकलीफ होती है पर धीरे - धीरे अभ्यस्थ होने पर तकलीफ नहीं होती है।                              #  योगमुद्रासन की विधि  # 1•  श्वास सामान्य लेते हुवे एक स्वच्छ आसन / योगा मैट पर पैर फैलाकर बैठ जाऐं। 2•  दाहिने घुटने को मोंड़े , और उसे बाँये जांघ पर इस प्रकार रखें कि पैर की एड़ी उदर को स्पर्श करे। 3•  अब बांयी घुटने को मोंड़े , और उसे दाहिने जांघ पर उसी प्रकार रखें। (नोट : आप पहले किसी भी घुटने को मोंड़कर रख सकते हैं। ) 4• दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाऐं और बाऐं हाथ से दाहिने हाथ की कलाई पकड़ें। फिर दोनों हाथों को कमर तथा रीढ़ के मिलन स्थान पर रखें। 5•  सामान्य से थोडी अधिक गति से श्वास को बाहर छोड़ें और श्वास को बाहर रोके कर रखे...

सिद्धासन की विधि व उससे लाभ

सिद्धासन सिद्ध योगियों का प्रिय आसन होने और अलौकिक सिद्धियाँ  प्रदान करने वाला होने के कारण  इसका नाम सिद्धासन है। सिद्धासन को सभी आसनों में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस आसन में बैठकर जो कुछ भी पढा जाता है वह आसानी से याद हो जाता है। इसलिऐ विद्यार्थीयों के लिऐ यह आसन विशेष फायदेमंद होता है।                                    #  सिद्धासन की विधि  # 1•  सामान्य श्वास लेते हुवे दोनों पैरों को फैलाकर एक स्वच्छ आसन / योगा मैट पर बैठ जाऐं। 2•  बायें पैर की घुटने को मोंड़कर , एड़ी को गुदा ( Anus ) और जननेन्द्रिय ( Genitals ) के बीच रखें। 3•  अब दाहिने पैर की एड़ी को जननेन्द्रिय के ऊपर रखें। ( नोट : इस प्रकार से रखे जिससे जननेन्द्रिय या अण्डकोष पर दबाव न पडे। ) 4• दोंनो हाथों की हथेली को एक दूसरे के ऊपर गोद में नाभि के पास रखें  / अथवा /  दोंनो हाथों को मुद्रा अवस्था में घुटनों पर रखें। 5•  आँखे बंद करें और धीमे...

पद्मासन की विधि व उससे लाभ

नमस्कार दोस्तों !  अगर आपका मन अशांत है , बेचैन है तो आप इस आसन के द्वारा सिर्फ 5 से 10 मिनट में अपने मन को शांत और एकाग्र कर सकते हैं। यह मेरा अनुभव है।  पद्मासन को कमलासन भी कहा जाता है।  यह मेडिटेशन का सबसे अच्छा और कारगर तरीका है । इसके द्वारा कई शारीरिक विकारों से भी छुटकारा मिलता है।  आइए जानते हैं पद्मासन के फायदे और पद्मासन करने की विधि के बारे में। पद्मासन की विधि :  1•  श्वास सामान्य रखते हुवे पैरों को सामने फैलाकर किसी स्वच्छ आसन / योगा मैट पर बैठ जाऐं। 2• दाहिने घुटने को मोंड़े , और उसे बाँये जांघ पर इस प्रकार रखें कि पैर की एड़ी उदर को स्पर्श करे। 3•  अब बांयी घुटने को मोंड़े , और उसे दाहिने जांघ पर उसी प्रकार रखें। (नोट : आप पहले किसी भी घुटने को मोंड़कर रख सकते हैं। ) 4•  दोनो हांथो को मुद्रा की स्थिति में घुटनों पर रखें। 5•  रीढ़ की हड्डी और गर्दन सीधी रखें। 6•  अन्त में आँखे बंद कर गहरी सांसे लें और अपना ध्यान उन्ही सांसों पर रखें। पद्मासन करने से होने वाले फायदे : 1•  प...