जीने की इच्छा धीरे-धीरे खत्म होने लगती है जिन्हें खुद पर भरोसा नहीं होता। जी हां ! मैं आत्मविश्वास की बात कर रहा हूं। आत्मविश्वास ही तो हमारा ऐसा साथी होता है जो अंतिम सांस तक अपना साथ निभाता है। पर क्या हो ? जब यह साथी हमारे साथ ना हो ! तो जीवन निराशा और उदासी के साथ कटता है । हम यहां पर उन लोगों की बात नहीं कर रहे जो आत्म-विश्वासी हैं । हम उनकी बात कर रहे हैं जिन्हें अपने आप में आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं। अपने ऊपर विश्वास कम होना या न होना , आखिर क्यों होता है , इस पर आप कभी विचार किए हैं ? यदि किये हैं तो आप कमेंट में साझा जरूर करें । मैंने इस पर थोड़ा सोचा है। चलिए एक उदाहरण लेते हैं मान लीजिए , आपने अपने एक मित्र को अपने लिए कुछ कार्य करने के लिए दिया और उसने उस कार्य को नहीं किया। पहली बार आप यह सोच सकते हैं कि हो सकता है कि कुछ कारण रहा होगा जिसके कारण उसने वह कार्य न कर पाया । फिर कभी दूसरी बार आपने अपने उसी मित्र को कुछ कार्य करने के लिए दिया और उसने फिर आपके उस दिए हुए कार्य को नहीं किया । तो क्या होगा ? आपके मन में उसके प्रति थोड़ा...