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Showing posts with the label कुछ अच्छी बातें

खुद पर भरोसा कम होने लगता है , आखिर क्यों ?

  जीने की इच्छा धीरे-धीरे खत्म होने लगती है जिन्हें खुद पर भरोसा नहीं होता। जी हां ! मैं आत्मविश्वास की बात कर रहा हूं। आत्मविश्वास ही तो हमारा ऐसा साथी होता है जो अंतिम सांस तक अपना साथ निभाता है। पर क्या हो ? जब यह साथी हमारे साथ ना हो  ! तो जीवन निराशा और उदासी के साथ कटता है । हम यहां पर उन लोगों की बात नहीं कर रहे जो आत्म-विश्वासी हैं । हम उनकी बात कर रहे हैं जिन्हें अपने आप में आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं। अपने ऊपर विश्वास कम होना या न होना , आखिर क्यों होता है , इस पर आप कभी विचार किए हैं ? यदि किये हैं तो आप कमेंट में साझा जरूर करें । मैंने इस पर थोड़ा सोचा है। चलिए एक उदाहरण लेते हैं मान लीजिए , आपने अपने एक मित्र को अपने लिए कुछ कार्य करने के लिए दिया और उसने उस कार्य को नहीं किया। पहली बार आप यह सोच सकते हैं कि हो सकता है कि कुछ कारण रहा होगा जिसके कारण उसने वह कार्य न कर पाया । फिर कभी दूसरी बार आपने अपने उसी मित्र को कुछ कार्य करने के लिए दिया और उसने फिर आपके उस दिए हुए कार्य को नहीं किया । तो क्या होगा ? आपके मन में उसके प्रति थोड़ा...

यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे या उसका व्यक्तित्व आकर्षक न हो , तो उसे क्या करना चाहिए ?

प्रत्येक जीव के शरीर की बनावट प्रकृति द्वारा निर्धारित की जाती है और इस बनावट को हम स्थाई रूप से नहीं बदल सकते। आजकल तो बहुत सारी कृत्रिम विधियां आ गई है जिससे प्राकृतिक बनावट को चुनौती दी जा रही है। लेकिन हमको यह ध्यान में रखना चाहिए कि प्राकृतिक वस्तुओं से छेड़छाड़ का परिणाम , उसके लिए हमेशा नुकसान दायक ही होता है। इस तथ्य को आप अपने जीवन में भी अनुभव कर सकते हैं। हमारा शरीर भी प्रकृति की ही संपत्ति है। सवाल यह था कि यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे , तो उसे क्या करना चाहिए ? right ? निश्चित ही उसे प्राकृतिक रूप से ही अपने आपको बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए , क्योंकि इससे हमारी आंतरिक शांति भंग नहीं होती और आंतरिक शांति ही हमारे चेहरे पर चमत्कारिक चमक बिखेरती है। हमारा प्रकृति से प्रेम ही हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक बना सकती है और यह स्थाई भी होती है। सच कहें तो हमारा व्यक्तित्व ही हमारा चेहरा होता है। तो इससे बेहतर कोई और विचार हो ही नहीं सकता कि हम अपने चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने की अपेक्षा , हम अपने व्यक्तित्व की सुंदरता को बढ़ाएं । अब यहां पर एक सवाल यह उठता है कि हम अपने व्...

किसी काम में आपका मन नहीं लग रहा ? तो यह पढ़ें

आप भी यह महसूस करते होंगे कि हमारा शरीर चाहें कितना भी दुबला-पतला क्यों न हो , यदि हमारे अंदर इच्छाशक्ति है तो हम किसी भी कठिन से कठिन कार्य को जो भले ही अकल्पनीय लगता हो , हम कर सकते हैं। महात्मा गांधी , विनोबा भावे , एपीजे अब्दुल कलाम ये कुछ ऐसे तमाम उदाहरण है जिन्होंने अपने इच्छाशक्ति के बल पर ही महान कार्यों को सम्पन्न किया है । किसी व्यक्ति का किसी कार्य में मन नहीं लग रहा है तो इसके पीछे केवल दो ही कारण हो सकते हैं पहला शारीरिक और दूसरा मानसिक। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है यह कोई कहानी नहीं है इस बात को हम लोग अपने दैनिक जीवन में हमेशा महसूस भी करते हैं। यदि शरीर अस्वस्थ है तो वाकई हमारा किसी कार्य में मन लग ही नहीं सकता। इसलिए सबसे पहले अपने शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास हमेशा करना पड़ेगा। यह शरीर चाहें दुबला पतला क्यों न हो , स्वस्थ होना चाहिए , निरोगी होना चाहिए। किसी कार्य में मन न लगने का दूसरा कारण होता है मानसिक। यदि शरीर पूर्ण रूप से स्वस्थ है फिर भी यदि किसी कार्य में हमारा मन नहीं लग रहा है तो समझ जाइए इसके पीछे मानसिक कारण ही है , इसे आ...

परीक्षा में कैसे हों कामयाब

बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक है । ऐसे में परीक्षार्थियों में तनाव का होना भी स्वाभाविक है। लेकिन जब तनाव ज्यादा हो जाता है तो वह एक समस्या का रूप ले लेती है। 9 जनवरी 2018 को दैनिक जागरण अखबार के सप्तरंग कालम् में “ परीक्षा में होंगे कामयाब ” नामक शीर्षक से एक लेख छपा था, जिसको लिखा था नई दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में कार्यरत वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर अचल भगत जी ने। मुझे लगता है कि उन परीक्षार्थियों को डॉक्टर अचल भगत जी की यह नेक सलाह जरूर पढ़नी चाहिए। “ आमतौर पर बहुत से विद्यार्थी परीक्षाओं का जिक्र होने पर काफी परेशान हो जाते हैं।एक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा का नाम सुनकर भय ग्रस्त भी हो जाते हैं। परीक्षार्थी परीक्षा के डर से कैसे बचे ? अपनी किताबों पर कैसे ध्यान केंद्रित करें ? इस संदर्भ में जानना जरूरी है। नकारात्मक सोच से बचें : जब भी परीक्षाओं के दिन करीब आने लगते हैं, तब अक्सर छात्र-छात्राएं अपनी कमियां निकालना शुरू कर देते हैं। अनेक परीक्षार्थी सोचने लगते हैं कि फेल होना निश्चित है। ऐसी नकारात्मक सोच से हम आसान प्रश्न से बेवजह डरना शुरू कर देते हैं और क्या लिख...