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महात्मा बुद्ध के 10 अनमोल वचन ( 10 quotes of mahatma buddha )

अपने पुत्र और पत्नी  को छोड़कर युवावस्था में ही सन्यास लेने वाले सिद्धार्थ , बुद्धत्व को प्राप्त करने के पश्चात् महात्मा बुद्ध कहलाये | महात्मा बुद्ध ने ही बौद्ध धर्म की स्थापना की | आज बौद्ध धर्म दुनिया के चार बड़े धर्मों में से एक है |  दोस्तों !! महात्मा बुद्ध के ऐसे उपदेश , जिन्हे अपने जीवन में अपनाने से शांति , ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है आपसे इस लेख के माध्यम से साझा कर रहा हूँ |  1 .   हजारों लड़ाइयाँ जीतने से अच्छा है आप अपने आप पर विजय प्राप्त करो | फिर हमेशा जीत आपकी ही होगी |  [ You Win Over Yourself Is Better Than Thousands Of Battles. Then You Will Always Win . ] 2 .   बुराई से बुराई को कभी ख़त्म  नहीं किया जा सकता !  बुराई हमेशा प्रेम को समाप्त कर  देती है |  [  Evil Can Never Be Eliminated From Evil ! Evil Always Endures love .]  3 .  क्रोधित होने का मतलब है , जलता हुवा कोयला किसी दूसरे पर फेंकना |  जो सबसे पहले आप को ही जलता है |  [ Being Angry Means , T...

चाणक्य के 10 अनमोल विचार

नमस्कार दोस्तों !! चाणक्य , चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन  में प्रधानमन्त्री थे। इनके कारण ही चन्द्रगुप्त मौर्य मगध की गद्दी को जीतने में सफल हुऐ थे। आईये जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार…… 1•  " सबसे बड़ा गुरु मंत्र ,  अपने राज किसी को भी मत बताओ। ये तुम्हे खत्म कर देगा। " 2•   " आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।" 3• "  पुस्तकें एक मुर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं , जैसे एक अंधे के लिए आइना।" 4•  "  शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें।  " 5• "  आलसी का ना वर्तमान होता है ,  ना भविष्य। " 6•  " कठोर वाणी अग्नि दाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुँचाती है। " 7•   " अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें। " 8•  "   जिसकी आत्मा संयमित होती है ,   वही आत्मविजयी होता है। " 9•  "  धूर्त  व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं। " 10•  "   दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं।...

स्वामी विवेकानन्द के 10 अनमोल विचार

नमस्कार दोस्तों !! यहाँ हम स्वामी विवेकानन्द के कुछ ऐसे अनमोल विचार रख रहे हैं  जो हम सभी को प्रेरणा देती है। 1•  "  उठो , जागो और तब तक ना रुको जब तक लक्ष्य न मिल जाएं। " 2• "   अनुशासन,   परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है। " 3•  "   जिसके साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं, वह कभी भी अकेला नहीं रह सकता । " 4•  "   आप ईश्वर में तब तक विश्वास नहीं कर पाएंगे जब तक आप अपने आप में विश्वास नहीं करते। " 5•  "   मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है। " 6•  " हमारा  भय ही पतन और पाप का निश्चित कारण है। " 7•  "  ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारे अन्दर हैं । वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धेरा  है। " 8•   "  हमारे व्यक्तित्व की उत्पत्ति हमारे विचारों में है।विचार मुख्य हैं, शब्द गौण हैं और विचारों का असर दूर तक होता है। "  9•  "...

गाँधी जी के 10 अनमोल वचन

नमस्कार दोस्तों !! मोहनदास करमचंद गाँधी जिन्हें पूरी दुनिया महात्मा गाँधी के नाम से जानती है। वे न सिर्फ  हम भारतीयों के प्रेरणास्रोत हैं बल्कि दुनिया के तमाम देशों ने इन्हें पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत बताया है। 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर जिले में जन्में मोहनदास ने दुनिया को अहिंसा और सत्य का मार्ग दिखलाया। हमारे पूर्वजों को 200 सालों से अधिक समय तक अंग्रेजी गुलामी क्यों झेलनी पड़ी ? क्यों ? क्योंकि अलग-अलग विचारधाराओं का टकराव था ! शक्तियां बिखरी हुयीं थी। गाँधी जी अहिंसा के रूप में जो शस्त्र लाऐ वह आजादी की लड़ायी में सबसे कारगार साबित हुआ। गाँधी जी के आने से बिखरी हुयी शक्तियां इक्टठी हुयीं जिसने अंग्रेजों को भागने को मजबूर कर दिया। इनकी जीवन शैली एक संत की तरह थी। इसी कारण गुरूदेव रविन्द्र नाथ टैगोर ने गाँधी जी को महात्मा क उपाधी दी। तभी से इन्हें महात्मा गाँधी पुकारा जाने लगा। महात्मा गाँधी शरीर से भले ही कमजोर थे पर मन से इतने मजबूत थे कि जो ठान लेते थे , वो करते ही थे । 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे नाम के व्यक्ति ने उनकी गोली  मारकर ...

गीता-सार

    दोस्तो !! हम सभी के जीवन में सुख-दुख आता रहता है। कभी - कभी तो ऐसा होता है कि हम हताश और निराश हो जाते हैं। इसी स्थिति में कुछ लोग गलत निर्णय भी ले लेते हैं। ऐसी स्थिति से बाहर निकलने के लिऐ भगवान कृष्ण द्वारा दिया गया यह उपदेश हमारी सहायता करता है और हमें शांति देता है।     जो हुआ , अच्छा हुआ     जो हो रहा है , अच्छा हो रहा है     जो होगा , वह भी अच्छा होगा     तुम्हारा क्या गया ? जो तुम रोते हो     तुम क्या लाये थे ? जो तुमने खो दिया     तुमने क्या पैदा किया ? जो नष्ट हो गया        तुमने जो लिया , यहीं से लिया        जो दिया , यहीं पर दिया        जो आज तुम्हारा है ,        कल किसी और का था      और कल किसी और का होगा ।।            

आज का सुविचार

" कोई कितना भी धनवान-ज्ञानवान क्यों न हो , अगर वह दुष्ट स्वभाव का है तो उसका त्याग अवश्य कर देना चाहिऐ। सर्प मणिधारी हो तो भी उसका विष भयंकर ही होता है। "