केंद्र सरकार ने बिहार में वैशाली के गोरौल में केला अनुसंधान केन्द्र की स्थापना की। केल ए की खेती को प्रोत्साहन के लिए और इसकी पैदावार बढ़ाने के लिए किया गया। उपयुक्त इकोसिस्टम के कारण ही वैशाली के गोरौल को चुना गया है। कन्द्रिय कृषि और किसान कल्याण मन्त्री राधामोहन सिंह जी का कहना है कि बिहार की मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त हे इससे बड़े पैमाने पर केले का पैदावार बढ़ाकर किसान को लाभान्वित किया जा सकता हैं। यह अनुसंधान केन्द्र देश भर तथा राज्य में केले के पैदावार कम होने के कारणों के बारे में अनुसंधान करेगा तथा केले अन्य भागों के समूचित उपयोग , विपणन तथा मूल्यवर्धन पर भी अनुसंधान करेगा।
आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण • शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। • कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग ...