Skip to main content

लक्ष्य प्राप्ति के लिए बेचैनी होनी चाहिऐ

एक बार एक संयासी समुद्रतट के किनारे- किनारे टहल रहे थे उसी वक्त एक ब्यक्ति उनके  पास पहुँचा , प्रणाम किया और पूछा  " महाराज !भगवत्तप्राप्ति कैसे हो सकती है ? "
संत महाराज यह सुनकर उसे समुद्र के अन्दर कुछ गहराई तक ले गये और उसे पानी के अन्दर डुबोया उसे तब तक डूबोये रखा जब तक वह छटपटाने नहीं लगा।  उसके बाद उन्होने उसे बाहर निकाला और पूछा ,  " यह बताओ पानी के अन्दर तुम्हे कैसा लग रहा था ? "
उस ब्यक्ति ने कहा  " महाराज ऐसा लग रहा था जैसे कि अब  इसी क्षण मरने ही वाला हूँ  और बाहर निकलने के लिए छटपटा रहा था। "
संत ने कहा " जिस प्रकार तुम पानी के अन्दर  बाहर निकलने के लिए छटपटा रहे थे ठीक उसी प्रकार जब भी तुम उस परमात्मा को पाने के छटपटाओगे उस वक्त ही तुम उन्हे प्राप्त कर सकते हो। "
सीख : किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसको प्राप्त करने की बेचैनी होनी चाहिए ।

Comments

Popular posts from this blog

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण •  शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। •  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग ...

अपनी दुकान मेडिकल स्टोर का वित्तीय प्रबंधन कैसे करें ?

 इसके लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: 1. दैनिक आय और खर्च का रिकॉर्ड रखें  हर दिन अपनी मेडिकल स्टोर की कमाई और खर्च को लिखने की आदत डालें। इसके लिए आप एक नोटबुक या मोबाइल ऐप (जैसे MProfit, Cashbook, या Google Sheets) का उपयोग कर सकते हैं। 2. मूल और लाभ को अलग करें सामान खरीदने पर जो पैसा खर्च होता है, उसे अलग से नोट करें। अपने सामान पर लगाए गए मुनाफे (profit) को ट्रैक करें। सुनिश्चित करें कि आप अपनी निजी जरूरतों के लिए स्टोर के पूरे कैश का इस्तेमाल न करें। 3. साप्ताहिक और मासिक समीक्षा करें हर सप्ताह और महीने के अंत में अपनी कमाई और खर्च का आंकलन करें। यह देखने की कोशिश करें कि आपकी सबसे ज्यादा बिक्री किन चीजों में हो रही है और सबसे ज्यादा खर्च कहां हो रहा है। 4. इन्वेंट्री मैनेजमेंट सुधारें स्टॉक को समय-समय पर चेक करें। जिन दवाइयों की मांग कम है, उन्हें कम मंगाएं। एक्सपायरी डेट वाली दवाइयों पर ध्यान दें और उन्हें पहले बेचने की कोशिश करें। 5. पर्सनल और बिजनेस फंड्स अलग रखें अपने व्यक्तिगत खर्चों और व्यवसाय के पैसे को अलग-अलग रखें। इसके लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट बनाना फायदेमं...

विभिन्न देशों के राष्ट्रीय पशु

दुनिया का हर देश अपना एक राष्ट्रीय प्रतीक निर्धारित किया रहता है। अरे ! देश को छोड़िए उसका हर राज्य अपना राजकीय प्रतीक निर्धारित किया होता है।  वह प्रतीक , जो  राष्ट्र और उसके राज्यों द्वारा अपनाया जाता है उसकी उस राज्य में विशेष विशेषता होती है। जैसे ; ऑस्ट्रेलिया , कंगारू को अपने देश के राष्ट्रीय पशु के रूप में अपनाया है। क्यों अपनाया है ? कुछ तो विशेषता होगी कंगारू में ?  जी हां ! कंगारू एक विशेष स्तनधारी जीव है जो अन्य स्तनधारियों से बिल्कुल अलग है और यह ऑस्ट्रेलिया में सबसे अधिक पाया जाता है। इसी तरह हर प्रतीक का उस राज्य में विशेष महत्व होता है। इस article में हम “ विभिन्न देशों के राष्ट्रीय पशु ” की एक सामान्य जानकारी आपसे साझा कर रहे हैं। ✓ भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है। ✓ आस्ट्रैलिया का राष्ट्रीय पशु कंगारू है। ✓ न्यूजीलैण्ड का राष्ट्रीय पशु किवी है। ✓ जापान का राष्ट्रीय पशु आइबिस है। ✓ यूके का राष्ट्रीय पशु राबिन रेडब्रेस्ट है। ✓ कनाडा का राष्ट्रीय पशु गंजा ईगल है। ✓ नेपाल का राष्ट्रीय पशु गाय है। ✓ स्पेन का राष्ट्रीय पशु बैल है। ...