अन्तर्राज्य परिषद की स्थापना जून ,सन 1990 ई को हुआ। । यह परिषद केन्द्र और राज्य के मध्य समन्वय स्थापित करने का काम करता है।
भारत का राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 263 के अन्तर्गत केन्द्र और राज्य के बीच समन्वय स्थापित करने लिए एक अन्तर्राज्य परिषद की स्थापना कर सकता है।
अन्तर्राज्य परिषद के सदस्य के रूप में प्रधानमन्त्री और उनके द्वारा मनोनित किया हुआ छ: कैबिनेट मन्त्री , सभी राज्यों के एवं संघ राज्य क्षेत्रों के मुख्यमंत्री तथा प्रशासक होते हैं।
इस संविधान के द्वारा , अन्तर्राज्य परिषद की बैठक वर्ष में तीन बार की जाएगी जिसकी अध्यक्षता प्रधानमन्त्री करेंगे।
आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण • शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। • कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग ...
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