3 मई 2017 को 64 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कसीनाधुनी विश्वनाथ को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया।
• कसीनाधुनी विश्वनाथ को यह पुरस्कार उनके भारतीय सिनेमा को दिये गऐ असाधारण योगदान के लिए दिया गया।
• कसीनाधुनी विश्वनाथ दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले 48 वें व्यक्ति हैं।
• कसीधुनी विश्वनाथ तेलगू के साथ-साथ तमिल और हिन्दी फिल्मों का निर्देशन किया है।
• इनहोने 45 सेअधिक फिल्मों का निर्देशन किया है।
• दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के अन्तर्गत 10 लाख रूपये और एक साल दिया जाता है।
• यह पुरस्कार सिनेमा के क्षेत्र में देश का सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार है।
आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण • शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। • कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग ...
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