Skip to main content

पेट की चर्बी कैसे कम करें


          हम सब लोगों की यह इच्छा रहती हैं कि हम अच्छा दिखें ! हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहें । लेकिन क्या हम अच्छा दिखनें और स्वस्थ रहने  के लिए कुछ करते हैं ?  यह सवाल अपने आपसे जरूर पूछें ।
खैर ! हम पेट पर आते हैं।  

पेट की चर्बी आपके लुक को तो बिगाड़ती ही है  , इससे आपको कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि इससे जल्द से जल्द निजात पाया जाए।
अनियमित खानपान और शारीरिक परिश्रम में कमी के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है।
यदि आप अपना पेट या शरीर का वजन कम करने के लिऐ किसी दवा का प्रयोग कर रहे हैं तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।
यहाँ पर हम ऐसे प्राकृतिक उपाय सेयर कर रहे हैं जिसे follow करके पेट की चर्बी अथवा शरीर का वजन कम किया जा सकता है।
   
        #  योग को अपनाऐं  #

बड़े पेट के कारण अक्सर लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़ती है । जब कोई पब्लिक्ली उनका मजाक उठाता है तब तो और ही बुरा महसूस होता है।
नियमित रुप से योगा कर पेट पर  जमा चर्बी को कम किया जा सकता है। इसे हर सुबह खुली हवा में करने का नियम बना लें। योग में निश्चित रूप से सूर्यनमस्कार , पादपश्चिमोतासन , मयूरासन , मत्सप्यासन को शामिल करें ।
ध्यान रहे यदि आप किसी अन्य समस्या से भी ग्रस्त हैं तो किसी डाक्टर / योग प्रशिक्षक के परामर्श के अनुसार ही इसे  करें।

        #  उपवास है लाभकारी  #

हफ्ते में एक दिन का उपवास करना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इससे शरीर के पाचनतंत्र को थोडा आराम भी मिल जाऐगा और शरीर क अतिरिक्त चर्बी कम करने में भी मदद मिलेगी। उपवास के दौरान आप फलों का सेवन करें , पेय पदार्थ के रूप में जूस , सूप , दूध ले सकते हैं।

       #  जंक फूड के सेवन से बचें  #

जंकफूड जैसे चिप्स , कुरकुरे , बर्गर , पिज्जा , तेल से तले - भुने पदार्थ आदि तेजी से वजन बढ़ाने का काम करता है। कोशिश करे कि कम तेल मसाले वाली चीजों का ही सेवन हो। अगर आप चर्बी कम करने के लिए गंभीर हैं तो जंकफूड से दूरी जरूर बनाए रखें।

     #  नींद पूरी लें  #

नींद ज्यादा लेना या कम लेना दोनों ही स्वास्थ्य क लिए हानिकारक है।
इससे चर्बी बढ़ने की समभावना ज्यादा रहती है। इसलिए 7 से 8 घण्टे की नींद अवश्य पूरी करें।

Comments

Popular posts from this blog

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण •  शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। •  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग ...

जेट-प्रवाह ( Jet Streams ) क्या है

जेट-प्रवाह अथवा जेट धारायें  का अंग्रेजी रूपान्तरण जेट स्ट्रीम ( Jet Streams )   कहलाता हैं। मुख्य रूप से  क्षोभमण्डल ( Troposphere ) के ऊपरी परत यानि समतापमण्डल ( Stratosphere ) में बहुत ही तीब्र गति से चलने  वाली नलिकाकार, संकरी पवन- प्रवाह अथवा वायु  प्रणाली को जेट-प्रवाह कहते हैं। चूकि विमानों के उड़ान में यह मण्डल सहायक होता  है , इसलिए इसका नाम Jet Streams  दिया गया है |    ➽     ये जेट-प्रवाह चक्रवातों ( Cyclones )  ,  प्रतिचक्रवातों ( Anticyclones ) , तुफानों ( Storms ) , वायुमण्डलीय विक्षोभों ( Atmospheric disturbances )  और वर्षा उत्पन करने में सहायक होती हैं। यानि ये हवायें धरातलीय मौसम को प्रभावित करती हैं |    ➽     ये हवायें सामान्यतः  पश्चिम से पूरब की ओर प्रवाहित होती हैं और यह  ऊपरी वायुमंडल में ये  7  से 12 किमी की ऊच्चाई पर होती हैं। ( नोट - अलग अलग किताबों में यह डाटा अलग अलग दिया गया है | )   ...

ये हैं G8 के सदस्य देश

G8  के सदस्य देशों को इस ट्रिक के माध्यम से याद कर सकते हे। " जीजा कई बार फ्रांस आए " जी ( जर्मनी) जा ( जापान ) क ( कनाडा ) ई ( इटली ) बा (ब्रिटेन ) र ( रूस ) फ्रांस और आऐ से आस्ट्रैलिया