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Steve jobs के ये आखिरी शब्द जरूर पढ़ना चाहिऐ

      Steve jobs को आज कौन नहीं जानता ! Apple iphone जो हम लोग use करते हैं यह इन्ही का आविष्कार है। ये इसके चेयरमैंन व संस्थापक थे। इस  फोन की security सभी दूसरे फोन से बेहतर है । इनका पूरा नाम Steve paul jobs था।  24  फरवरी 1955 को बृहस्पतिवार के दिन अमेरिका के सैन फ्रांसिसको में इनका जन्म हुआ और  मात्र 56 वर्ष की आयु में 5 अक्टूबर सन 2011 में इनकी मृत्यु कैंसर के कारण हो गई।

दोस्तों ! Steve jobs जब अंतिम अवस्था में कैंसर से जूझ रहे थे , उस वक्त उन्होनें अपने जीवन से संबंधित कुछ बातें साझा कर रहे थे। यहाँ पर हम उन्हीं बातों को आपके सामनें रख रहें हैं ।

         " एक समय था जब मैं व्यापार की उँचाईयों को छू चुका था। दुनिया की नजर में मैं सफलता का एक रोल माडल बना चुका था। लेकिन आज ! अपने आपको बेहद  बीमार और इस बिस्तर पर देखकर कुछ अजीब महसूस कर रहा हूँ।
       व्यापारिक सफलता को पाने के लिऐ मैंने पूरी जिन्दगी कड़ी मेहनत की , पर अपने आप के लिऐ , अपने आप को खुश रखने के लिऐ , अपने आपको स्वस्थ रखने के लिऐ समय निकालना जरूरी नहीं समझा।
जब मुझे कामयाबी मिली तो बेहद गर्व महसूस हुआ , पर आज ! मौत के बेहद करीब पाकर मेरीं सारी उपलब्धियाँ मुझे  फींकी लग रही है। आज इस कमरे में इन मशीनों से घिरा हुआ हूँ। मैं मृत्यु के देवता को अपने बेहद करीब महसूस कर रहा हूँ।
आज मन में एक ही बात आ रही है कि इंसान को जब यह लगने लगे कि उसने अपने भविष्य के लिऐ पर्याप्त कमाई कर ली है तो उसे खुद के लिऐ समय जरूर निकाल लेने चाहिऐ। और - पैसा और - पैसा कमाने की चाहत न रखते हुवे , खुद की खुशी के लिऐ जीना शुरू कर देना चाहिऐ।
अपनी कोई पुरानी चाहत पूरी करनी चाहिऐ। कुछ भी ऐसा जो आपके दिल को तसल्ली दे। 
       मैंने जो भी पैसा कमाया है उसे अपने साथ नहीं ले जा सकता । ले जा सकता हूँ तो बस यादें ! ये यादें ही तो हमारी अमीरी होती है। जिसके सहारे हम सुकून की मौत पा सकते हैं। क्योंकि यें यादें और उनसे जुड़ा प्यार ही एक मात्र ऐसी चीज है जो मीलों का सफर तय करके भी आपके साथ जा सकती है। आप जहाँ चाहें इसे लेकर जा सकते हैं , जितनी उँचाई पर चाँहे ये आपका साथ दे सकती हैं क्योंकि इनपर केवल आपका हक है।
    

     जीवन के इस मोड़ पर आकर मैं बहुत कुछ महसूस कर रहा हूँ। जावन में अगर कोई सबसे महँगी वस्तु है तो वह शायद ' डेथ बेड '   ही है । क्योंकीपैसा फेंककर आप किसी को अपने गाडी का ड्राइवर बना सकते हो । ढ़ेर सारे नौकर - चाकर अपने सेवा में लगा सकते हो। लेकिन इस डेथ बेड पर आने के बाद कोई आपको दिल से प्यार करे , दिल से आपकी सेवा करे , यह चीज आप पैसे से नहीं खरीद सकते।

     आज मैं यह कह सकता हूँ कि चाहे हम जीवन के किसी मोंड़ पर क्यों न हों उसे अन्त तक खूबसूरत बनाने के लिऐ हमें लोंगो का सहारा चाहिऐ।  पैसा हमें सबकुछ नहीं दे सकता ।
   मेंरी गुजारिस है आप सबसे कि अपने परिवार  से प्यार करें  , उनके साथ वक्त बिताऐं , इस बेशकिमती खजानें को बर्बाद न होने दें ! खुद से प्यार करें । "
                         ~~ आपका स्टीव जाब्स

       दोस्तों ! विचारों के द्वारा ही तो हम अपना जीवन जीने के लिऐ सिद्धांत तय करते हैं और उन पर चलते हैं। यह विचार हमें प्राप्त होता है … किसी को सुनने से ! कोई सकारात्मक लेख पढ़ने से  या फिर कोई ऐसी घटना अपनी आंखो के द्वारा देखने से ।
        मेरे प्यारे भाईयों और बहनों ! यदि यह लेख आपको लगता है कि अच्छा है  और एक अच्छा विचार हमारे समाज में फैला सकता है तो आप इसे जरूर दूसरों के साथ इसे साझा करें।

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