Skip to main content

प्रथम विश्वयुद्ध से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

वैसे तो किताबों में बहुत सारी बातें प्रथम विश्व युद्ध से संबंधित दी हुई हैं लेकिन यहां पर हम सिर्फ उन्हीं तथ्यों रख रहे हैं जो सामान्य जानकारी के लिए जरूरी है और यह अक्सर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछे जाते रहे हैं। 

  • 28 July 1914  से प्रथम विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई। इसी दिन आस्ट्रिया ने सर्बिया पर आक्रमण किया था।
  • 1 नवंबर 1918 को प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति हुई।
  • प्रथम विश्व युद्ध 4 वर्षों तक चला।
  • प्रथम विश्व युद्ध का मुख्य कारण ऑस्ट्रिया के राजकुमार की बोस्निया की राजधानी में हुई हत्या थी।
  • इस विश्व युद्ध में शहीद 37 देशों ने भाग लिया था।
  • प्रथम विश्व युद्ध में पूरा विश्व दो गुटों में बटा हुआ था पहला मित्र राष्ट्र और दूसरा धुरी राष्ट्र।
  • धुरी राष्ट्रों में जर्मनी , ऑस्ट्रिया , हंगरी , इटली आदि शामिल थे जबकि मित्र राष्ट्र में जापान , इंग्लैंड , रूस , फ्रांस , अमेरिका आदि देश शामिल थे।
  • 28 जून 1919 ई. को जर्मनी और गठबंधन देशों ( फ्रांस , अमेरिका , इंग्लैंड आदि ) के बीच वर्साय की संधि हुई।
  • अंतरराष्ट्रीय जगत में प्रथम विश्वयुद्ध का सबसे बड़ा योगदान राष्ट्रसंघ की स्थापना थी।

  • ऐसा माना जाता है की प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान हुई वर्साय की संधि ही द्वितीय विश्वयुद्ध का बीजरोपण था।

यह भी देखें ;

द्वितीय विश्वयुद्ध से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

Comments

Popular posts from this blog

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण •  शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। •  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग ...

अपनी दुकान मेडिकल स्टोर का वित्तीय प्रबंधन कैसे करें ?

 इसके लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: 1. दैनिक आय और खर्च का रिकॉर्ड रखें  हर दिन अपनी मेडिकल स्टोर की कमाई और खर्च को लिखने की आदत डालें। इसके लिए आप एक नोटबुक या मोबाइल ऐप (जैसे MProfit, Cashbook, या Google Sheets) का उपयोग कर सकते हैं। 2. मूल और लाभ को अलग करें सामान खरीदने पर जो पैसा खर्च होता है, उसे अलग से नोट करें। अपने सामान पर लगाए गए मुनाफे (profit) को ट्रैक करें। सुनिश्चित करें कि आप अपनी निजी जरूरतों के लिए स्टोर के पूरे कैश का इस्तेमाल न करें। 3. साप्ताहिक और मासिक समीक्षा करें हर सप्ताह और महीने के अंत में अपनी कमाई और खर्च का आंकलन करें। यह देखने की कोशिश करें कि आपकी सबसे ज्यादा बिक्री किन चीजों में हो रही है और सबसे ज्यादा खर्च कहां हो रहा है। 4. इन्वेंट्री मैनेजमेंट सुधारें स्टॉक को समय-समय पर चेक करें। जिन दवाइयों की मांग कम है, उन्हें कम मंगाएं। एक्सपायरी डेट वाली दवाइयों पर ध्यान दें और उन्हें पहले बेचने की कोशिश करें। 5. पर्सनल और बिजनेस फंड्स अलग रखें अपने व्यक्तिगत खर्चों और व्यवसाय के पैसे को अलग-अलग रखें। इसके लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट बनाना फायदेमं...

आलस से निजात कैसे पाएं

आलस से निजात पाने के लिए आपको अपने दिनचर्या और मानसिकता में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। यहाँ कुछ प्रभावी उपाय दिए गए हैं: 1. लक्ष्य निर्धारित करें छोटे और यथार्थवादी लक्ष्य तय करें। हर दिन के लिए प्राथमिकताएँ तय करें। अपने काम को छोटे हिस्सों में बाँटें, जिससे वे कम भारी लगें। 2. समय प्रबंधन दिनचर्या बनाएं और उसे अनुशासन के साथ फॉलो करें। सबसे कठिन काम पहले करें, ताकि आपकी ऊर्जा सही जगह पर लगे। "Pomodoro Technique" (25 मिनट काम, 5 मिनट ब्रेक) का उपयोग करें। 3. स्वास्थ्य का ध्यान रखें अच्छी नींद लें (6-8 घंटे)। पौष्टिक भोजन करें और कैफीन या जंक फूड से बचें। नियमित रूप से व्यायाम करें। यह ऊर्जा को बढ़ाता है और आलस को कम करता है। 4. प्रेरणा और सकारात्मक सोच खुद को अपने लक्ष्य की याद दिलाएं। अपने काम को करने के बाद मिलने वाले परिणामों की कल्पना करें। प्रेरणादायक किताबें पढ़ें या पॉडकास्ट सुनें। 5. आसपास का माहौल सही करें काम करने की जगह को व्यवस्थित और साफ रखें। अपने चारों ओर ऐसे लोग रखें जो आपको प्रेरित करें। 6. पुरस्कृत करें जब आप कोई काम पूरा करें, तो खुद को किसी ...