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परीक्षा में कैसे हों कामयाब


बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक है । ऐसे में परीक्षार्थियों में तनाव का होना भी स्वाभाविक है। लेकिन जब तनाव ज्यादा हो जाता है तो वह एक समस्या का रूप ले लेती है। 9 जनवरी 2018 को दैनिक जागरण अखबार के सप्तरंग कालम् में “ परीक्षा में होंगे कामयाब ” नामक शीर्षक से एक लेख छपा था, जिसको लिखा था नई दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में कार्यरत वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर अचल भगत जी ने।
मुझे लगता है कि उन परीक्षार्थियों को डॉक्टर अचल भगत जी की यह नेक सलाह जरूर पढ़नी चाहिए।

“ आमतौर पर बहुत से विद्यार्थी परीक्षाओं का जिक्र होने पर काफी परेशान हो जाते हैं।एक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा का नाम सुनकर भय ग्रस्त भी हो जाते हैं। परीक्षार्थी परीक्षा के डर से कैसे बचे ? अपनी किताबों पर कैसे ध्यान केंद्रित करें ? इस संदर्भ में जानना जरूरी है।

नकारात्मक सोच से बचें :

जब भी परीक्षाओं के दिन करीब आने लगते हैं, तब अक्सर छात्र-छात्राएं अपनी कमियां निकालना शुरू कर देते हैं। अनेक परीक्षार्थी सोचने लगते हैं कि फेल होना निश्चित है। ऐसी नकारात्मक सोच से हम आसान प्रश्न से बेवजह डरना शुरू कर देते हैं और क्या लिखना है उसे भी भूल जाते हैं। परीक्षा की तैयारी करते समय भी बहुत से परीक्षार्थी खराब परिणामों की कल्पना करके अपने को और भी प्रदान कर लेते हैं। कभी-कभी परीक्षार्थी शुरुआत करने से पहले ही हाथ खड़े कर लेते हैं , उन्हें लगता है कि मेहनत करने से क्या फायदा जब सफलता मिलनी ही नहीं है।

क्या आपको लगता है की परीक्षाएं मुश्किल होती हैं और पढ़ना एक काम है ? आइए देखते हैं कि नीचे लिखे सिद्धांत आपके कुछ काम आ सके। ऐसे कोई सुनिश्चित नियम या तरीके नहीं है जो आप को इस्तेमाल करने ही हैं। आप अपनी तरीकों को समझ कर और इन तरीकों को पढ़कर स्वयं की जरूरत और रूचि के हिसाब से अपना तरीका स्वयं बना सकते हैं।

तीन मुख्य सिद्धांत :
पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए तीन मुख्य सिद्धांत है ...

1. आपके पास पढ़ने का समय होना चाहिए :

पढ़ने के लिए समय चाहिए। पढ़ना एक व्यायाम की तरह है। पढ़ने से दिमाग का व्यायाम होता है। एक दिन में बहुत पढ़ाई आपको थका भी देगी और अपेक्षित परिणाम भी नहीं देगी। अगर आप दिन में 8 घंटे सप्ताह के 7 दिनों और साल के 365 दिन पढ़ते हैं और आप सोचते हैं कि आप सफल हो जाएंगे तो आप इस गलतफहमी में न रहें। इसी तरह से अगर आप यह सोचते हैं कि आप बहुत प्रतिभाशाली हैं और आप आखिरी दिन पढ़कर टॉप टेन में आ जाएंगे, तो आप जाग जाइए। लोग आपको दोनों तरह के सफलता की कहानियां सुनाएंगे और आप के गैर फायदे वाली आदतों को सह मिल जाएगी। सफलता पाने के लिए आपको संतुलन बनाना सीखना होगा। आपको अभी से प्रयास शुरू करने होंगे । छोटे प्रयासों से ही शुरू करें। बेस्ट टाइम टेबल का इंतजार न करें । हर प्रयास के बाद अपने को ब्रेक देकर प्रोत्साहन दे। पढ़ने के अलावा जो आप करना चाहे उसके लिए भी समय निकालें , लेकिन जब पढ़े तो उसका आनंद लें।

2. लक्ष्य अवश्य बनाएं :

परीक्षा के डर से पढ़ना शायद पढ़ने के लिए प्रेरणा ना बन सके । दीर्घकाल में अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए पढ़ना  शायद ज्यादा प्रेरणा दे सके । हो सकता है कि आपने अभी यह निर्णय न लिया हो कि आप क्या करना या बनना चाहते हैं  ? पर हम सब सफल तो होना ही जाते हैं । जैसे आपका दीर्घकालिक लक्ष्य 6 साल बाद का हो सकता है । अपने लक्ष्य को सकारात्मक बनाए । ऐसा लक्ष्य जो सफलता से जुड़ा हो । आप उस सफलता के लिए प्रयास करें और उसे अपनी प्रेरणा बनाए । सफलता कुछ परसेंट नंबर पाना नहीं है। सफलता , जीवन को इस तरीके से जीना है कि आप अपनी क्षमताओं को और समस्याओं को पहचान सके समझ सके और उनका समाधान तलाश सके।

3. बातचीत जारी रखें :

अगर आप कठिन समय से गुजर रहे हैं तो लोग आपकी मदद कर सकते हैं । वह आपके दोस्त , अध्यापक या माता-पिता या भाई-बहन हो सकते हैं । अगर आप किसी से अपने मन की बात साझा करते हैं तो वह आपकी बात सुनेंगे और उसका समाधान तलाशने में भी आपकी सहायता करेंगे।

ध्यान केंद्रित करने के उपाय :

जब आप चिंता कर रहे हो तो ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है । इसलिए आपको ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना होगा । जब पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है तब आप यह कर सकते हैं ....

* 15 मिनट के सेगमेंट में अपना समय विभाजित करें।

* पहले 15 मिनट में आप जिस अध्याय का अध्ययन करना चाहते हैं, उस के पन्नों को सरसरी तौर पर पलटें , उनका मुख्य  शीर्षक को देखें।

* अपने आप से पूछें कि इस अध्याय से संभावित प्रश्न क्या हो सकते हैं।

* अध्याय के किसी भी सूत्र , परिभाषा या प्रमुख अवधारणाओं को समझने का प्रयास करें।

* अगले 15 मिनट में अध्याय का पहला भाग पढ़ें। फिर इसे अगले 5 मिनट तक संक्षेप में अपने मन में दोहराए। फिर 5 मिनट का ब्रेक लें । कुछ और करें , लेकिन जो पढ़ा है , उस पर अपना ध्यान रखें।

* अगले 15 मिनट में अगले भाग का अध्ययन करें।

* इस तरह 15 मिनट के तीन अभ्यासों के बाद आप जो भी पढ़ चुके हैं , उसे संक्षिप्त रूप से दिमाग में  दोहराए।

* फिर 15 मिनट का ब्रेक लें।

* इस ब्रेक के बाद अगर आपको किसी विषय के संदर्भ में कुछ संदेह हो तो फोन से या सीधे संपर्क कर अपने शिक्षक या उस विषय के जानकार मित्र से परामर्श लें।

ये कुछ ऐसे तरीके हैं  , जो आपका ध्यान केंद्रित रखता है और बार-बार आपको भूलने से भी रोकता है।

अपना ख्याल रखें :

याद रखें अनेक छात्र ऐसी स्थिति में होते हैं जो अपना परिवार खो चुके हैं या जिनके पास किताबें नहीं है या जो कठिनाइयों में जिंदगी बसर कर रहे हैं या फिर जिन्होंने अपने माता पिता का समर्थन खो दिया है। लोगों की जिंदगी में भूकंप आते हैं और गुजर जाते हैं। यह शायद आप का भूकंप है , जो आया है यह भी गुजर जायेगा । परीक्षाएं न तो जिंदगी की परिभाषा है और ना ही सफलता की । आप सब अपने अभिभावकों , प्रिय-जनों और हम सबके लिए बहुत जरूरी और प्रिय है इसलिए अपना ख्याल जरूर रखें। ”

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