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Right To Education Act-2009 (RTE Act - 2009 ) में संशोधन को मंजूरी मिली

वर्ष 2009 में केंद्रीय सरकार ने 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के लिए right to education Act ( यानी Right of children to free and compulsory education Act-2009 ) लाया था। जो 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हुआ था ( जम्मू एंड कश्मीर को छोड़कर )।
इस एक्ट का उद्देश्य था , सभी वंचित बच्चों ( 6 वर्ष से 14 वर्ष तक ) को वर्ष 2015 तक प्राथमिक शिक्षा दिलाया जाए।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने प्राथमिक के बच्चों को “ फेल न करने की नीति  ”अपनाई। जिसका परिणाम यह हुआ कि शिक्षा की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई ।
इसी को देखते हुए केंद्रीय सलाहकार कमेटी ( कैब ) ने बच्चों को फेल न करने की नीति में बदलाव का सुझाव दिया था। जिसके तहत सरकार ने “ निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 ” में बदलाव किया है , जिसमें सरकारी स्कूलों में पांचवी और आठवीं कक्षा के बच्चों को अब वार्षिक परीक्षा देनी होगी। इस परीक्षा में फेल होने पर उन्हें एक मौका और दिया जाएगा।

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