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यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे या उसका व्यक्तित्व आकर्षक न हो , तो उसे क्या करना चाहिए ?

प्रत्येक जीव के शरीर की बनावट प्रकृति द्वारा निर्धारित की जाती है और इस बनावट को हम स्थाई रूप से नहीं बदल सकते। आजकल तो बहुत सारी कृत्रिम विधियां आ गई है जिससे प्राकृतिक बनावट को चुनौती दी जा रही है। लेकिन हमको यह ध्यान में रखना चाहिए कि प्राकृतिक वस्तुओं से छेड़छाड़ का परिणाम , उसके लिए हमेशा नुकसान दायक ही होता है। इस तथ्य को आप अपने जीवन में भी अनुभव कर सकते हैं। हमारा शरीर भी प्रकृति की ही संपत्ति है।

सवाल यह था कि यदि कोई व्यक्ति सुंदर न दिखे , तो उसे क्या करना चाहिए ? right ?
निश्चित ही उसे प्राकृतिक रूप से ही अपने आपको बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए , क्योंकि इससे हमारी आंतरिक शांति भंग नहीं होती और आंतरिक शांति ही हमारे चेहरे पर चमत्कारिक चमक बिखेरती है।

हमारा प्रकृति से प्रेम ही हमारे व्यक्तित्व को आकर्षक बना सकती है और यह स्थाई भी होती है। सच कहें तो हमारा व्यक्तित्व ही हमारा चेहरा होता है। तो इससे बेहतर कोई और विचार हो ही नहीं सकता कि हम अपने चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने की अपेक्षा , हम अपने व्यक्तित्व की सुंदरता को बढ़ाएं ।

अब यहां पर एक सवाल यह उठता है कि हम अपने व्यक्तित्व को सुंदर कैसे बनाएं ?
उत्तर है - “ प्रेम से ” । जी हां ! अपने आप से प्रेम के द्वारा ही हम अपने व्यक्तित्व को सुंदर बना सकते हैं। तभी आप अपने अंदर ऐसे आदर्श गुणों को विकसित कर पाएंगे जो आपके व्यक्तित्व को दर्शाती है। स्वच्छता , सरलता , विनम्रता , दयालुता , इमानदारी , अनुशासन आदि ऐसे आदर्श गुण है जो अपने जीवन शैली में शामिल करने पर निश्चित ही आपका व्यक्तित्व न सिर्फ सुंदर दिखेगा बल्कि लोग आपको देखकर सवरने लगेंगे ।

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