Skip to main content

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए ।

कुष्ठ रोग क्या है ?


• यह एक जीवाणु माइकोबैक्टेरियम लैप्री द्वारा फैलता है ।

• यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है ।

• कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है ।

• कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है।


कुष्ठ रोग के लक्षण


•  शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना।

•  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना।

• हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना।


कुष्ठ रोग का उपचार


• कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता है। अतः कुष्ठ रोग से भयभीत न हो।

• कुष्ठ रोग का उपचार बहु औषधि उपचार प्रणाली यानी एमडीटी द्वारा करने असंक्रामक रोगी ( पी.वी. ) छह माह में तथा संक्रामक रोगी (एम .बी. )12 माह में रोग मुक्त हो जाते हैं।

• कुष्ठ रोगी को एमडीटी से उपचार जल्दी प्रारंभ कर देनी चाहिए। इलाज में विलंब करने से रोगी के आंख और हाथ पैरों में विकलांगता आ सकती है।

• रोगी अपना पूर्ण इलाज घर पर रहकर ही करा सकते हैं । रोगी को घर से अलग रखने की आवश्यकता नहीं है।

• रोगी के यदि हाथ या पैर तुरंत सुन्न है तो प्रतिदिन बाएं हाथ और पैर को अच्छी तरह धोकर उनकी देखभाल करें।

• कुष्ठ रोगी मदिरापान , धूम्रपान व अन्य किसी नशे का सेवन ना करें।

• कुष्ठ रोग का संदेह होने पर घर के प्रत्येक सदस्य की स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क जांच कराएं।


कुष्ठ रोग का समस्त परामर्श / उपचार जनपद के समस्त चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है।


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

जेट-प्रवाह ( Jet Streams ) क्या है

जेट-प्रवाह अथवा जेट धारायें  का अंग्रेजी रूपान्तरण जेट स्ट्रीम ( Jet Streams )   कहलाता हैं। मुख्य रूप से  क्षोभमण्डल ( Troposphere ) के ऊपरी परत यानि समतापमण्डल ( Stratosphere ) में बहुत ही तीब्र गति से चलने  वाली नलिकाकार, संकरी पवन- प्रवाह अथवा वायु  प्रणाली को जेट-प्रवाह कहते हैं। चूकि विमानों के उड़ान में यह मण्डल सहायक होता  है , इसलिए इसका नाम Jet Streams  दिया गया है |    ➽     ये जेट-प्रवाह चक्रवातों ( Cyclones )  ,  प्रतिचक्रवातों ( Anticyclones ) , तुफानों ( Storms ) , वायुमण्डलीय विक्षोभों ( Atmospheric disturbances )  और वर्षा उत्पन करने में सहायक होती हैं। यानि ये हवायें धरातलीय मौसम को प्रभावित करती हैं |    ➽     ये हवायें सामान्यतः  पश्चिम से पूरब की ओर प्रवाहित होती हैं और यह  ऊपरी वायुमंडल में ये  7  से 12 किमी की ऊच्चाई पर होती हैं। ( नोट - अलग अलग किताबों में यह डाटा अलग अलग दिया गया है | )   ...

ये हैं G8 के सदस्य देश

G8  के सदस्य देशों को इस ट्रिक के माध्यम से याद कर सकते हे। " जीजा कई बार फ्रांस आए " जी ( जर्मनी) जा ( जापान ) क ( कनाडा ) ई ( इटली ) बा (ब्रिटेन ) र ( रूस ) फ्रांस और आऐ से आस्ट्रैलिया