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जल रंगहीन , गंधहीन एवं स्वादहीन क्यों होता है ?

जल का अणु एक ऑक्सीजन और दो हाइड्रोजन के परमाणुओं से मिलकर बना होता है ( यानि H2O ) ।

✓ सामान्यता किसी पदार्थ का रंग , गंध एवं स्वाद उस पदार्थ के pH या pOH पर निर्भर करता है।  यानी कि किसी पदार्थ के जल अपघटन के पश्चात H+ आयन की मात्रा कितनी है या OH- आयन की मात्रा कितनी है , इस बात पर निर्भर करता है।

यदि पदार्थ के पास हाइड्रोजन आयन की मात्रा यानी उसकी सांद्रता ज्यादा है तो उसका स्वाद खट्टा होता है और यदि किसी पदार्थ के पास OH- आयन की सांद्रता ज्यादा है तो उसका स्वाद कड़वा होता है और यदि उस पदार्थ में हाइड्रोजन आयन और OH- आयन की सांद्रता बराबर है तो वह पदार्थ स्वादहीन होता है।

जल के अणु के पास एक H+ और एक OH- होता है जिसके कारण ही जल स्वादहीन ,रंगहीन एवं गंधहीन होता है।

H2O = H+  + OH-




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